'संत' शब्द 'सत्' शब्द के कर्ताकारक का बहुवचन है, जिसका अर्थ है— साधु, संन्यासी, विरक्त, त्यागी या महात्मा। संत वह है जो सत्य आचरण करता है। संत की महिमा का वर्णन पदमाकर ने बहुत ही सहज शब्दों में किया है— "या जग जीवन को है यहै फल जो छल छाँडि भजै रघुराई।/शोधि के संत महंतनहूँ पदमाकर बात यहै ठहराई।" इस पृष्ठ पर संतों की सूची बनायी जा रही है:—

मध्यकालीन संत

आधुनिक संत

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