आचार्य के कई अर्थ हो सकते हैं— गुरु, उपाध्याय, शिक्षक, विद्वान्, पुरोहित, ज्ञानी या पंडित। आचार्य वह है जो न केवल स्वयं आचारशास्त्रों के अर्थ तथा बुद्धि का आचयन (ग्रहण) करता है, बल्कि अपने विद्यार्थी से भी ऐसा आचयन (ग्रहण) करा लेता है। इस पृष्ठ पर भक्त-आचार्यों की सूची बनायी जा रही है:—

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